Passage 124.1
तेजो वावाद्भ्यो भूयस्तद्वा एतद्वायुमागृह्याकाशमभितपति तदाहुर्निशोचति नितपति वर्षिष्यति वा इति तेज एव तत्पूर्वं दर्शयित्वाथापः सृजते तदेतदूर्ध्वाभिश्च तिरश्चीभिश्च विद्युद्भिराह्रादाश्चरन्ति तस्मादाहुर्विद्योतते स्तनयति वर्षिष्यति वा इति तेज एव तत्पूर्वं दर्शयित्वाथापः सृजते तेज उपास्स्वेति ॥ १ ॥
पदच्छेद
अन्वय
तेजः वाव अद्भ्यः भूयः [अस्ति] । तत् वै एतत् [तेजः] वायुम् आगृह्य आकाशम् अभितपति । तत् [जनाः], निशोचति, नितपति, वर्षिष्यति वा इति आहुः । तत् तेजः एव पूर्वम् [आत्मानम्] दर्शयित्वा अथ अपः सृजते । तत् एतत् [भवति]—ऊर्ध्वाभिः च तिरश्चीभिः च विद्युद्भिः आह्रादाः चरन्ति । तस्मात् [जनाः], विद्योतते, स्तनयति, वर्षिष्यति वा इति आहुः । तत् तेजः एव पूर्वम् [आत्मानम्] दर्शयित्वा अथ अपः सृजते । तेजः उपास्स्व इति [उवाच] ।
हिन्दी अर्थ
“तेज जल से बढ़कर है। वह वायु को अपने प्रभाव में लेकर आकाश को तपाता है। तब लोग कहते हैं, ‘झुलस रहा है, तप रहा है; अब वर्षा होगी।’ वह पहले तेज दिखाकर फिर जल बरसाता है। फिर ऊपर जाती और तिरछी चलती बिजली की चमकों के साथ गड़गड़ाहटें चलती हैं। इसलिए लोग कहते हैं, ‘बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं; अब वर्षा होगी।’ वह पहले तेज दिखाकर फिर जल बरसाता है। तेज की उपासना करो।”
English meaning
“Heat and radiance are greater than water. Taking hold of wind, they heat the sky. People then say, ‘It is scorching, it is blazing; rain is coming.’ Having first displayed heat, it releases water. Again, thunderclaps move with flashes of lightning that rise upward and run across. People therefore say, ‘It flashes, it thunders; rain is coming.’ Having first displayed radiance, it releases water. Contemplate heat and radiance.”
व्याख्या
तेज में यहाँ उष्णता और प्रकाश दोनों अर्थ सक्रिय हैं। वर्षा के दो दृश्य और दो बार जल छोड़ने का वाक्य पाठ की रचना का हिस्सा हैं। इसे आधुनिक मौसम-विज्ञान का पूर्ण कारण-विवरण नहीं माना गया है।
Explanation
Both heat and luminosity are active senses of tejas. The two pre-rain scenes and the repeated release of water are deliberate parts of the passage. They are not presented here as a complete account of modern meteorology.
संदर्भ
जल से आगे तेज को रखा जाता है और वर्षा से पहले की गर्मी तथा बिजली दो उदाहरण बनते हैं।
Context
Heat and lightning before rainfall provide two examples for placing tejas beyond water.