Passage 124.2
स यस्तेजो ब्रह्मेत्युपास्ते तेजस्वी वै स तेजस्वतो लोकान्भास्वतोऽपहततमस्कानभिसिध्यति यावत्तेजसो गतं तत्रास्य यथाकामचारो भवति यस्तेजो ब्रह्मेत्युपास्तेऽस्ति भगवस्तेजसो भूय इति तेजसो वाव भूयोऽस्तीति तन्मे भगवान्ब्रवीत्विति ॥ २ ॥
पदच्छेद
अन्वय
सः यः तेजः ब्रह्म इति उपास्ते, सः तेजस्वी [सन्] तेजस्वतः भास्वतः अपहततमस्कान् लोकान् वै अभिसिध्यति । यावत् तेजसः गतम् [अस्ति], तत्र अस्य यथाकामचारः भवति—यः तेजः ब्रह्म इति उपास्ते । [नारदः], भगवः, तेजसः भूयः अस्ति इति [पप्रच्छ] । [सनत्कुमारः], तेजसः वाव भूयः अस्ति इति [उवाच] । [नारदः], तत् मे भगवान् ब्रवीतु इति [उवाच] ।
हिन्दी अर्थ
जो तेज को ब्रह्म मानकर उपासना करता है, वह तेजस्वी होकर तेजयुक्त, प्रकाशमान और अन्धकार से रहित लोकों को प्राप्त करता है। फिर तेज की जहाँ तक पहुँच है, वहाँ वह अपनी इच्छा के अनुसार विचरण कर सकता है; यह उस व्यक्ति के लिए है जो तेज को ब्रह्म मानकर उपासना करता है। नारद ने पूछा: “भगवन्, क्या तेज से भी बढ़कर कुछ है?” उत्तर मिला: “हाँ, तेज से बढ़कर कुछ है।” नारद ने कहा: “भगवन्, वह मुझे बताइए।”
English meaning
One who contemplates heat and radiance as brahman becomes radiant and reaches worlds endowed with radiance, shining and free of darkness. One then has freedom to move as desired wherever heat and radiance extends. This applies to one who contemplates heat and radiance as brahman. Nārada asked, “Sir, is there anything greater than heat and radiance?” The answer was, “Indeed, there is something greater than heat and radiance.” Nārada said, “Sir, please tell me of it.”
व्याख्या
तेजस्वत्, भास्वत् और अपहततमस्क तीनों विशेषण एक ही बात कहकर संक्षिप्त नहीं किए गए। उपासना की छवि प्रकाश की है, पर अगला प्रश्न उसके लिए स्थान देने वाले आकाश को सामने लाता है।
Explanation
The three descriptions, endowed with radiance, shining, and free of darkness, are all retained. The imagery is luminous, while the next inquiry turns to the space in which light appears.
संदर्भ
तेज की उपासना में साधक का तेजस्वी होना और अन्धकाररहित लोकों की प्राप्ति साथ रखे जाते हैं।
Context
Contemplation of tejas joins the contemplator’s radiance with attainment of luminous, darkness-free worlds.