Passage 33.1
अग्निर्हिङ्कारो वायुः प्रस्ताव आदित्य उद्गीथो नक्षत्राणि प्रतिहारश्चन्द्रमा निधनमेतद्राजनं देवतासु प्रोतम् ॥ १ ॥
पदच्छेद
अन्वय
अग्निः हिङ्कारः [अस्ति]; वायुः प्रस्तावः [अस्ति]; आदित्यः उद्गीथः [अस्ति]; नक्षत्राणि प्रतिहारः [सन्ति]; चन्द्रमा निधनम् [अस्ति] । एतत् राजनम् देवतासु प्रोतम् [अस्ति] ।
हिन्दी अर्थ
अग्नि हिङ्कार है, वायु प्रस्ताव है, आदित्य उद्गीथ है, नक्षत्र प्रतिहार हैं और चन्द्रमा निधन है। यह राजन साम देवताओं में गुँथा हुआ है।
English meaning
Fire is hiṅkāra, wind prastāva, the sun udgītha, the stars pratihāra, and the moon nidhana. This Rājana Sāman is woven through the deities.
व्याख्या
राजनम् यहाँ साम का नाम है, किसी मनुष्य-राजा का निर्देश नहीं। नक्षत्राणि को तारों या नक्षत्र-समूहों के रूप में समझा गया है।
Explanation
Rājanam here names a Sāman, not a human king. Nakṣatrāṇi denotes stars or stellar groups.
संदर्भ
राजन साम को अग्नि, वायु और आकाशीय देवताओं से सम्बन्धित किया जाता है।
Context
The Rājana Sāman is correlated with fire, wind and the celestial deities.