Passage 10.11
एवमेव प्रतिहर्तारमुवाच प्रतिहर्तर्या देवता प्रतिहारमन्वायत्ता तां चेदविद्वान्प्रतिहरिष्यसि मूर्धा ते विपतिष्यतीति ते ह समारतास्तूष्णीमासांचक्रिरे ॥ ११ ॥
पदच्छेद
अन्वय
एवम् एव प्रतिहर्तारम् उवाच-प्रतिहर्तः, या देवता प्रतिहारम् अन्वायत्ता [अस्ति], ताम् अविद्वान् चेत् प्रतिहरिष्यसि, ते मूर्धा विपतिष्यति इति । ते ह समारताः तूष्णीम् आसांचक्रिरे ।
हिन्दी अर्थ
इसी प्रकार उन्होंने प्रतिहर्ता से कहा, “प्रतिहर्ता! जो देवता प्रतिहार से सम्बद्ध है, उसे जाने बिना यदि तुम प्रतिहार गाओगे, तो तुम्हारा सिर गिर पड़ेगा।” तब वे सब अपना काम रोककर चुप बैठ गए।
English meaning
Likewise he said to the pratihartṛ, “Pratihartṛ! If you sing the pratihāra without knowing the deity associated with it, your head will fall off.” They then stopped and sat in silence.
व्याख्या
प्रतिहार सामगान का प्रत्युत्तर-जैसा भाग है, और प्रतिहर्ता उसका गायक। समारताः का आशय है कि वे कार्य से निवृत्त या विरत हो गए; इसे “तैयार हो गए” नहीं पढ़ना चाहिए। कथा में चेतावनी का परिणाम मौन और जिज्ञासा है, किसी का सिर वास्तव में गिरने की घटना नहीं।
Explanation
The pratihāra is a responding portion of the Sāman, and the pratihartṛ is its singer. Samāratāḥ means that they desisted from the performance, not that they became ready to begin. The warning produces silence and inquiry; no actual falling of a head is narrated.
संदर्भ
तीसरे गायक तक प्रश्न पहुँचने पर पूरे गायन का क्रम रुक जाता है। अगला खण्ड यजमान की प्रतिक्रिया और तीनों गायकों को दिए गए उत्तर बताएगा।
Context
Once the challenge reaches the third singer, the chanting comes to a halt. The next section gives the patron’s response and Uṣasti’s answers to all three singers.