Passage 11.8
अथ हैनं प्रतिहर्तोपससाद प्रतिहर्तर्या देवता प्रतिहारमन्वायत्ता तां चेदविद्वान्प्रतिहरिष्यसि मूर्धा ते विपतिष्यतीति मा भगवानवोचत्कतमा सा देवतेति ॥ ८ ॥
पदच्छेद
अन्वय
अथ ह प्रतिहर्ता एनम् उपससाद-प्रतिहर्तर्, या देवता प्रतिहारम् अन्वायत्ता [अस्ति], ताम् अविद्वान् चेत् प्रतिहरिष्यसि, ते मूर्धा विपतिष्यति इति भगवान् मा अवोचत् । सा देवता कतमा [अस्ति] इति ।
हिन्दी अर्थ
तब प्रतिहर्ता उनके पास आया और बोला, “आपने मुझसे कहा था, ‘प्रतिहर्ता! प्रतिहार से सम्बद्ध देवता को जाने बिना यदि तुम प्रतिहार गाओगे, तो तुम्हारा सिर गिर पड़ेगा।’ वह देवता कौन है?”
English meaning
Then the pratihartṛ approached him and said, “You told me, ‘Pratihartṛ! If you sing the pratihāra without knowing its associated deity, your head will fall off.’ Which deity is that?”
व्याख्या
प्रतिहर्ता और प्रतिहार में कर्ता तथा कर्म का भेद है: एक गायन करने वाला है, दूसरा गायन का अंश। शब्द-साम्य पर आधारित अर्थ अभी अगले उत्तर में खुलेगा। पहले की धमकी का उद्धरण प्रश्न की भूमिका है, किसी हिंसक घटना का वर्णन नहीं।
Explanation
Pratihartṛ and pratihāra distinguish the performer from the portion performed. The significance of their shared wording will emerge in the answer that follows. Quoting the earlier warning sets up the question; it does not describe an act of violence.
संदर्भ
तीसरा और अन्तिम गायक प्रतिहार के देवता के विषय में पूछता है। इस प्रश्न का उत्तर कथा को फिर उसी अन्न पर लौटाएगा जिससे उषस्ति की यात्रा सम्भव हुई थी।
Context
The third and final singer asks about the deity of the pratihāra. The answer will return the story to food, the very thing that made Uṣasti’s journey possible.