Passage 147.2
तौ ह प्रजापतिरुवाच साध्वलङ्कृतौ सुवसनौ परिष्कृतौ भूत्वोदशरावेऽवेक्षेथामिति तौ ह साध्वलङ्कृतौ सुवसनौ परिष्कृतौ भूत्वोदशरावेऽवेक्षाञ्चक्राते तौ ह प्रजापतिरुवाच किं पश्यथ इति ॥ २ ॥
पदच्छेद
अन्वय
प्रजापतिः तौ ह उवाच—साध्वलङ्कृतौ सुवसनौ परिष्कृतौ भूत्वा उदशरावे अवेक्षेथाम् इति । तौ ह साध्वलङ्कृतौ सुवसनौ परिष्कृतौ भूत्वा उदशरावे अवेक्षाञ्चक्राते । प्रजापतिः तौ ह उवाच—किम् पश्यथः इति ।
हिन्दी अर्थ
प्रजापति ने दोनों से कहा, “अच्छी तरह अलंकृत होकर, सुन्दर वस्त्र पहनकर और अपने को स्वच्छ-सुसज्जित करके जल-पात्र में देखो।” दोनों ने अच्छी तरह अलंकृत होकर, सुन्दर वस्त्र पहनकर और स्वच्छ-सुसज्जित होकर जल-पात्र में देखा। प्रजापति ने पूछा, “क्या देखते हो?”
English meaning
Prajāpati told them, “Adorn yourselves well, put on fine clothes, groom yourselves, and look into the bowl of water.” They adorned themselves well, put on fine clothes, groomed themselves, and looked into the bowl. Prajāpati asked, “What do you see?”
व्याख्या
अलंकरण, वस्त्र और परिष्कार तीन अलग क्रियाएँ हैं; निर्देश और उसके पालन, दोनों में उनका पूरा दोहराव रखा गया है।
Explanation
Adornment, clothing, and grooming are three distinct preparations; all three are repeated in both instruction and performance.
संदर्भ
दूसरे प्रयोग में बाहरी सजावट बदली जाती है, जिससे प्रतिबिम्ब की निर्भरता जाँची जा सके।
Context
The second experiment changes outward appearance to test the reflection’s dependence.