Passage 110.2
यथा विलीनमेवाङ्गास्यान्तादाचामेति कथमिति लवणमिति मध्यादाचामेति कथमिति लवणमित्यन्तादाचामेति कथमिति लवणमित्यभिप्रास्यैतदथ मोपसीदथा इति तद्ध तथा चकार तच्छश्वत्संवर्तते तँ होवाचात्र वाव किल तत्सोम्य न निभालयसेऽत्रैव किलेति ॥ २ ॥
पदच्छेद
अन्वय
[त्वम्] यथा विलीनम् एव [लवणम् न वेत्थ, तथापि तत् विद्यते] । [पिता], अङ्ग, अस्य [उदकस्य] अन्तात् आचाम इति [उवाच]; कथम् इति [पप्रच्छ]; [पुत्रः], लवणम् इति [उवाच] । [पिता], मध्यात् आचाम इति [उवाच]; कथम् इति [पप्रच्छ]; [पुत्रः], लवणम् इति [उवाच] । [पिता], अन्तात् आचाम इति [उवाच]; कथम् इति [पप्रच्छ]; [पुत्रः], लवणम् इति [उवाच] । [पिता], एतत् [उदकम्] अभिप्रास्य अथ मा उपसीदथाः इति [उवाच] । तत् ह [पुत्रः] तथा चकार । [पुत्रः], तत् [लवणम्] शश्वत् संवर्तते इति [उवाच] । [पिता] तम् ह, सोम्य, अत्र वाव किल तत् [सत्] न निभालयसे; अत्र एव किल [विद्यते] इति उवाच ।
हिन्दी अर्थ
वह तो घुल ही गया था। पिता ने कहा, “अच्छा, इसके एक सिरे से थोड़ा चखो। कैसा है?” “नमकीन।” “बीच से चखो। कैसा है?” “नमकीन।” “दूसरे सिरे से चखो। कैसा है?” “नमकीन।” “इसे फेंककर फिर मेरे पास आओ।” उसने वैसा ही किया। नमक तो लगातार बना रहा। उन्होंने उससे कहा, “प्रिय, तुम उसे यहाँ देख नहीं पा रहे हो, पर वह यहीं है।”
English meaning
It had dissolved. His father said, “Now sip from one end of it. How is it?” “Salty.” “Sip from the middle. How is it?” “Salty.” “Sip from the other end. How is it?” “Salty.” “Throw this away, and then come to me.” He did so. The salt continued to be present. His father said to him, “My dear, you do not perceive it here, yet it is here indeed.”
व्याख्या
मूल में अन्त, मध्य और फिर अन्त है; परम्परा इन्हें ऊपर, बीच और नीचे भी समझती है। अभिप्रास्य को फेंक देना लिया गया है। “नमक बना रहा” की पंक्ति का वक्ता स्पष्ट नहीं; इसे श्वेतकेतु का कथन या कथाकार का निष्कर्ष पढ़ा जा सकता है।
Explanation
The text says end, middle, and end again; tradition also reads these as top, middle, and bottom. Abhiprāsya is taken as throwing away. The speaker of the statement about the salt’s continued presence is not explicit; it can be read as Śvetaketu’s observation or the narrator’s statement.
संदर्भ
स्वाद तीन स्थानों पर वही अदृश्य नमक प्रमाणित करता है।
Context
Taste discloses the same unseen salt at three different positions.