Passage 24.20
ता वा अस्यैता हिता नाम नाड्यो यथा केशः सहस्रधा भिन्नस्तावताणिम्ना तिष्ठन्ति । शुक्लस्य नीलस्य पिङ्गलस्य हरितस्य लोहितस्य पूर्णाः । अथ यत्रैनं घ्नन्तीव जिनन्तीव हस्तीव विच्छाययति गर्तमिव पतति । यदेव जाग्रद्भयं पश्यति तदत्राविद्यया मन्यते । अथ यत्र देव इव राजेवाहमेवेदं सर्वोऽस्मीति मन्यते । सोऽस्य परमो लोकः ॥ २० ॥
पदच्छेद
अन्वय
यथा केशः सहस्रधा भिन्नः [भवति], तावता अणिम्ना अस्य ताः वा एताः हिता नाम नाड्यः तिष्ठन्ति । [ताः] शुक्लस्य नीलस्य पिङ्गलस्य हरितस्य लोहितस्य [रसस्य] पूर्णाः [सन्ति] । अथ यत्र एनम् [केचित्] घ्नन्ति इव, जिनन्ति इव, हस्ती इव विच्छाययति, [सः] गर्तम् इव पतति, यत् एव जाग्रत् भयम् पश्यति, तत् अत्र अविद्यया मन्यते । अथ यत्र देवः इव राजा इव [सन्], अहम् एव इदम् सर्वः अस्मि इति मन्यते, सः अस्य परमः लोकः [अस्ति] ।
हिन्दी अर्थ
उसकी हिता नामक नाड़ियाँ हजार भागों में विभाजित केश जितनी सूक्ष्म हैं। वे श्वेत, नील, पिङ्गल, हरित और लाल द्रवों से भरी हैं। जब स्वप्न में मानो उसे मारते या हराते हैं, हाथी मानो उसका पीछा करता है, या वह मानो गड्ढे में गिरता है, तब जागते देखे भय को वह यहाँ अविद्या से वास्तविक मानता है। लेकिन जब वह देवता या राजा के समान, अथवा मैं ही यह सब हूँ, ऐसा मानता है, तब वह उसका परम लोक है।
English meaning
The channels called Hita are as fine as a hair split into a thousand parts, filled with white, blue, tawny, green and red fluids. When in dream people seem to strike or overcome him, an elephant seems to pursue him, or he seems to fall into a pit, he takes the fears seen in waking as real here through ignorance. But when he thinks himself like a god or king, or thinks “I alone am all this,” that is his highest world.
व्याख्या
नाड़ियों के रंग प्राचीन सूक्ष्म-देह की भाषा हैं, आधुनिक शारीरिक परीक्षण नहीं। मैं सब हूँ का संकेत दार्शनिक सर्वात्मभाव है; किसी व्यक्ति के प्रभुत्व या मानसिक अवस्था की चिकित्सा-पहचान का प्रमाण नहीं।
Explanation
The coloured channels belong to an ancient subtle-body account, not a modern bodily test. “I am all” points toward philosophical all-selfhood, not personal domination or a clinical assessment of someone’s mental state.
संदर्भ
स्वप्न के भय और व्यापक आत्मभाव के बीच विरोध दिखाया जाता है।
Context
The passage contrasts dream fear with an expansive sense of self.