Passage 37.1
यदा वै पुरुषोऽस्माल्लोकात्प्रैति स वायुमागच्छति । तस्मै स तत्र विजिहीते यथा रथचक्रस्य खम् । तेन स ऊर्ध्व आक्रमते । स आदित्यमागच्छति । तस्मै स तत्र विजिहीते । यथा लम्बरस्य खम् । तेन स ऊर्ध्व आक्रमते । स चन्द्रमसमागच्छति । तस्मै स तत्र विजिहीते । यथा दुन्दुभेः खम् । तेन स ऊर्ध्व आक्रमते । स लोकमागच्छत्यशोकमहिमम् । तस्मिन् वसति शाश्वतीः समाः ॥ १ ॥
पदच्छेद
अन्वय
यदा वै पुरुषः अस्मात् लोकात् प्रैति, सः वायुम् आगच्छति । सः [वायुः] तत्र तस्मै विजिहीते, यथा रथचक्रस्य खम् [तथा] । तेन सः ऊर्ध्वः आक्रमते । सः आदित्यम् आगच्छति । सः [आदित्यः] तत्र तस्मै विजिहीते, यथा लम्बरस्य खम् [तथा] । तेन सः ऊर्ध्वः आक्रमते । सः चन्द्रमसम् आगच्छति । सः [चन्द्रमाः] तत्र तस्मै विजिहीते, यथा दुन्दुभेः खम् [तथा] । तेन सः ऊर्ध्वः आक्रमते । सः अशोकम् अहिमम् लोकम् आगच्छति; तस्मिन् शाश्वतीः समाः वसति ।
हिन्दी अर्थ
जब मनुष्य इस लोक से प्रस्थान करता है, तब वह वायु के पास पहुँचता है। वायु उसके लिए वहाँ रथ के पहिए के छेद जैसा मार्ग खोल देती है; उससे वह ऊपर चढ़ता है। वह सूर्य के पास पहुँचता है। सूर्य उसके लिए वहाँ लम्बर नामक वाद्य के छेद जैसा मार्ग खोल देता है; उससे वह ऊपर चढ़ता है। वह चन्द्रमा के पास पहुँचता है। चन्द्रमा उसके लिए वहाँ दुन्दुभि के छेद जैसा मार्ग खोल देता है; उससे वह ऊपर चढ़ता है। वह ऐसे लोक में पहुँचता है जहाँ शोक और शीत नहीं हैं। वहाँ वह चिरस्थायी वर्षों तक रहता है।
English meaning
When a person departs from this world, that person reaches the wind. The wind opens a passage there like the opening in a chariot wheel, and through it the person ascends. The person reaches the sun. The sun opens a passage there like the opening in a lambara instrument, and through it the person ascends. The person reaches the moon. The moon opens a passage there like the opening in a kettledrum, and through it the person ascends. The person reaches a world without sorrow and without cold, and lives there for enduring years.
व्याख्या
रथचक्र, लम्बर और दुन्दुभि के छिद्र तीन चरणों की उपमाएँ हैं। अन्त का अशोकम् अहिमम् मानसिक शोक और ठंड से मुक्त लोक का चित्र देता है। यह धार्मिक परलोक-वर्णन है, खगोलीय यात्रा का मानचित्र नहीं।
Explanation
The openings in a wheel, lambara and kettledrum furnish three successive comparisons. Asokam ahimam depicts a realm free of grief and cold. This is a religious account of an afterlife, not a map for travel through astronomical space.
संदर्भ
यह छोटा ब्राह्मण मृत्यु के बाद आरोहण का क्रम देता है। वायु, सूर्य और चन्द्रमा तीन अलग द्वार खोलते हैं।
Context
This short brahmana describes an ascent after death. Wind, sun and moon open three successive gateways.