Passage 21.5
कतम आदित्या इति । द्वादश वै मासाः संवत्सरस्यैत आदित्याः । एते हीदं सर्वमाददाना यन्ति । ते यदिदं सर्वमाददाना यन्ति तस्मादादित्या इति ॥ ५ ॥
पदच्छेद
अन्वय
[शाकल्यः पप्रच्छ—] आदित्याः कतमे [सन्ति] इति । [याज्ञवल्क्यः आह—] वै संवत्सरस्य द्वादश मासाः, एते आदित्याः [सन्ति] । हि एते इदम् सर्वम् आददानाः यन्ति । ते यत् इदम् सर्वम् आददानाः यन्ति, तस्मात् आदित्याः इति [उच्यन्ते] ।
हिन्दी अर्थ
आदित्य कौन हैं? संवत्सर के बारह महीने ही आदित्य हैं। वे यह सब लेते हुए आगे जाते हैं। क्योंकि वे सबको लेते हुए जाते हैं, इसलिए आदित्य कहलाते हैं।
English meaning
“Which are the Adityas?” “The twelve months of the year. They go on taking all this away. Because they proceed taking everything, they are called Adityas.”
व्याख्या
आददानाः का लेना समय के निरन्तर व्यतीत होने से जुड़ा है। यह संख्या सूर्य-चक्र और जीवन की सीमित अवधि दोनों को साथ रखती है।
Explanation
Their “taking” evokes the passage of time. The twelvefold solar cycle is connected with life’s finite duration.
संदर्भ
आदित्य समय के बारह मासों के रूप में समझाए जाते हैं।
Context
The Adityas are explained as the twelve months.