Passage 21.4
कतमे रुद्रा इति । दशेमे पुरुषे प्राणा आत्मैकादशः । ते यदास्माच्छरीरान्मर्त्यादुत्क्रामन्त्यथ रोदयन्ति । तद्यद्रोदयन्ति तस्माद्रुद्रा इति ॥ ४ ॥
पदच्छेद
अन्वय
[शाकल्यः पप्रच्छ—] रुद्राः कतमे [सन्ति] इति । [याज्ञवल्क्यः आह—] इमे दश पुरुषे प्राणाः [सन्ति]; आत्मा एकादशः [अस्ति] । यदा ते अस्मात् मर्त्यात् शरीरात् उत्क्रामन्ति, अथ रोदयन्ति । तत् यत् रोदयन्ति, तस्मात् रुद्राः इति [उच्यन्ते] ।
हिन्दी अर्थ
रुद्र कौन हैं? मनुष्य में ये दस प्राण और ग्यारहवाँ आत्मरूप मन। जब वे इस मर्त्य शरीर से निकल जाते हैं, तब लोगों को रुलाते हैं। चूँकि वे रुलाते हैं, इसलिए रुद्र कहलाते हैं।
English meaning
“Which are the Rudras?” “The ten vital powers in a person, with the self or mind as the eleventh. When they depart from this mortal body, they make people weep. Because they cause weeping, they are called Rudras.”
व्याख्या
रोदयन्ति और रुद्र का ध्वनि-संबन्ध मृत्यु के शोक से जुड़ता है। दस प्राण की सूची यहाँ नहीं दी गई; उसे बिना संकेत दस आधुनिक शारीरिक अंगों में न बदलें।
Explanation
The verbal link between causing tears and Rudra connects the name with grief at death. The ten powers are not enumerated here and should not be silently replaced by a modern anatomical list.
संदर्भ
रुद्रों की संख्या मनुष्य की जीवन-शक्तियों के साथ जोड़ी जाती है।
Context
The Rudras are correlated with the person’s living powers.