Passage 19.23
यो रेतसि तिष्ठन् रेतसोऽन्तरो यं रेतो न वेद यस्य रेतः शरीरं यो रेतोऽन्तरो यमयत्येष त आत्मान्तर्याम्यमृतः । अदृष्टो द्रष्टाश्रुतः श्रोतामतो मन्ताविज्ञातो विज्ञाता । नान्योऽतोऽस्ति द्रष्टा नान्योऽतोऽस्ति श्रोता नान्योऽतोऽस्ति मन्ता नान्योऽतोऽस्ति विज्ञाता । एष त आत्मान्तर्याम्यमृतः । अतोऽन्यदार्तम् । ततो होद्दालक आरुणिरुपरराम ॥ २३ ॥
पदच्छेद
अन्वय
यः रेतसि तिष्ठन् रेतसः अन्तरः [अस्ति], यम् रेतः न वेद, यस्य रेतः शरीरम् [अस्ति], यः अन्तरः रेतः यमयति, एषः ते आत्मा अन्तर्यामी अमृतः [अस्ति] ।[एषः] अदृष्टः द्रष्टा [अस्ति]; [एषः] अश्रुतः श्रोता [अस्ति]; [एषः] अमतः मन्ता [अस्ति]; [एषः] अविज्ञातः विज्ञाता [अस्ति] । अतः अन्यः द्रष्टा न अस्ति; अतः अन्यः श्रोता न अस्ति; अतः अन्यः मन्ता न अस्ति; अतः अन्यः विज्ञाता न अस्ति । एषः ते आत्मा अन्तर्यामी अमृतः [अस्ति] । अतः अन्यत् आर्तम् [अस्ति] । ततः ह आरुणिः उद्दालकः उपरराम ।
हिन्दी अर्थ
जो रेतस् में स्थित है, रेतस् के भीतर है, जिसे रेतस् नहीं जानता, जिसका शरीर रेतस् है और जो उसे भीतर से नियन्त्रित करता है, वही तुम्हारा आत्मा, अमर अन्तर्यामी है। वह स्वयं देखा नहीं जाता, पर द्रष्टा है; सुना नहीं जाता, पर श्रोता है; विचार का विषय नहीं, पर मन्ता है; जाना हुआ विषय नहीं, पर ज्ञाता है। उससे अलग कोई द्रष्टा, श्रोता, मन्ता या ज्ञाता नहीं है। वही तुम्हारा आत्मा, अमर अन्तर्यामी है। उससे भिन्न सब आर्त है। तब उद्दालक आरुणि चुप हो गए।
English meaning
The one who stands in semen, who is within it, whom it does not know, whose body it is and who rules it from within: that is your Self, the immortal inner ruler. Unseen, it is the seer; unheard, the hearer; unthought, the thinker; unknown as an object, the knower. There is no other seer, hearer, thinker or knower apart from it. That is your Self, the immortal inner ruler. Whatever is other than this is afflicted. Uddalaka Aruni then fell silent.
व्याख्या
रेतस् की उपस्थिति देह की प्रजनन-शक्ति को भी उसी विचार में रखती है, कोई प्रजनन-विधि नहीं सिखाती। निष्कर्ष ज्ञाता को सभी ज्ञान-विषयों से अलग करता है और अनेक उपकरणों के पीछे एक ही अन्तर्यामी बताता है।
Explanation
The reference to semen includes reproductive capacity in the account; it gives no reproductive procedure. The conclusion distinguishes the knower from every known object and identifies one inner ruler behind the many faculties.
संदर्भ
प्रजनन-शक्ति से आरम्भ हुआ अंतिम पद अन्तर्यामी का निर्णायक स्वरूप बताता है।
Context
Beginning with reproductive substance, the final unit states the decisive characterization of the inner ruler.