Passage 19.22
यो विज्ञाने तिष्ठन् विज्ञानादन्तरो यं विज्ञानं न वेद यस्य विज्ञानं शरीरं यो विज्ञानमन्तरो यमयत्येष त आत्मान्तर्याम्यमृतः ॥ २२ ॥
पदच्छेद
अन्वय
यः विज्ञाने तिष्ठन् विज्ञानात् अन्तरः [अस्ति], यम् विज्ञानम् न वेद, यस्य विज्ञानम् शरीरम् [अस्ति], यः अन्तरः विज्ञानम् यमयति, एषः ते आत्मा अन्तर्यामी अमृतः [अस्ति] ।
हिन्दी अर्थ
जो विज्ञान में स्थित है, विज्ञान के भीतर है, जिसका ज्ञान विज्ञान को नहीं है, जिसका शरीर विज्ञान है और जो विज्ञान को भीतर से नियन्त्रित करता है, वही तुम्हारा आत्मा, अमर अन्तर्यामी है।
English meaning
The one who stands in cognition, who is within cognition, whom cognition does not know, whose body is constituted by cognition, and who rules cognition from within: that is your Self, the immortal inner ruler.
व्याख्या
विज्ञान यहाँ विशेष जानने की शक्ति है, आधुनिक विज्ञान-शास्त्र नहीं। उसे भी ज्ञाता के भीतर स्थित उपकरण के रूप में रखा गया है।
Explanation
Vijnana here means cognition or discriminating awareness, not modern science. Even cognition is placed among the ruler’s embodied powers.
संदर्भ
अन्तर्यामी-क्रम में अब विज्ञान का वर्णन है।
Context
The inner-ruler sequence now concerns cognition.