Passage 45.13
चतुरौदुम्बरो भवति । औदुम्बरः स्रुव औदुम्बरश्चमस औदुम्बर इध्म औदुम्बर्या उपमन्थन्यौ । दश ग्राम्याणि धान्यानि भवन्ति । व्रीहियवास्तिलमाषा अणुप्रियंगवो गोधूमाश्च मसूराश्च खल्वाश्च खलकुलाश्च । तान् पिष्टान् दधनि मधुनि घृत उपसिञ्चति । आज्यस्य जुहोति ॥ १३ ॥
पदच्छेद
अन्वय
[सः कर्ता] चतुरौदुम्बरः भवति । स्रुवः औदुम्बरः, चमसः औदुम्बरः, इध्मः औदुम्बरः, उपमन्थन्यौ औदुम्बर्या [औदुम्बर्यौ इति पदच्छेदः] [भवतः] । दश ग्राम्याणि धान्यानि भवन्ति—व्रीहियवाः, तिलमाषाः, अणुप्रियंगवः, गोधूमाः च, मसूराः च, खल्वाः च, खलकुलाः च । तान् पिष्टान् दधनि मधुनि घृते उपसिञ्चति । आज्यस्य जुहोति ।
हिन्दी अर्थ
इस अनुष्ठान में उदुम्बर के चार प्रकार के उपकरण होते हैं: स्रुव उदुम्बर का, चमस उदुम्बर का, ईंधन उदुम्बर का और दोनों मथने की छड़ें उदुम्बर की। दस खेती की उपज वाले अन्न होते हैं: धान, जौ, तिल, उड़द, अणु, प्रियंगु, गेहूँ, मसूर, खल्व और खलकुल। इन्हें पीसकर दही, मधु और घी में भिगोया जाता है। घी की आहुति दी जाती है।
English meaning
The rite uses four classes of udumbara-wood equipment: an udumbara offering ladle, an udumbara cup, udumbara fuel, and two udumbara stirring sticks. There are ten cultivated grains and pulses: rice, barley, sesame, black gram, anu millet, priyangu millet, wheat, lentils, khalva beans and khalakula beans. Ground, these are moistened in curd, honey and ghee. An offering of ghee is made.
व्याख्या
चार श्रेणियों में दो मथन-छड़ें मिलकर एक श्रेणी हैं। व्रीहि-जौ, तिल-उड़द और अणु-प्रियंगु युग्मों को खोलने पर दस पदार्थ होते हैं। पुराने अन्न-नामों की आधुनिक वनस्पति-पहचान सर्वथा निश्चित नहीं है।
Explanation
The two stirring sticks form one of the four classes. Expanding the rice/barley, sesame/black-gram and anu/priyangu pairs yields ten ingredients. Exact modern botanical identifications of the older names are not all certain.
संदर्भ
वंश-उल्लेख के बाद उपकरण और दस अन्नों का परिशिष्ट मन्थ-विधि को पूर्ण करता है।
Context
After the transmission chain, an appendix on equipment and ten cultivated foods completes the mash rite.