Passage 13.2
तान् होवाच ब्राह्मणा भगवन्तो यो वो ब्रह्मिष्ठः स एता गा उदजतामिति । ते ह ब्राह्मणा न दधृषुः । अथ ह याज्ञवल्क्यः स्वमेव ब्रह्मचारिणमुवाच एताः सौम्योदज सामश्रवा३ इति । ता होदाचकार । ते ह ब्राह्मणाश्चुक्रुधुः कथं नु नो ब्रह्मिष्ठो ब्रुवीतेति । अथ ह जनकस्य वैदेहस्य होताश्वलो बभूव । स हैनं पप्रच्छ त्वं नु खलु नो याज्ञवल्क्य ब्रह्मिष्ठोऽसी३ इति । स होवाच नमो वयं ब्रह्मिष्ठाय कुर्मो गोकामा एव वयं स्म इति । तं ह तत एव प्रष्टुं दध्रे होताश्वलः ॥ २ ॥
पदच्छेद
अन्वय
[जनकः] तान् ह उवाच—ब्राह्मणाः भगवन्तः, यः वः ब्रह्मिष्ठः [अस्ति], सः एताः गाः उदजताम् इति । ते ह ब्राह्मणाः न दधृषुः । अथ ह याज्ञवल्क्यः स्वम् एव ब्रह्मचारिणम् उवाच—सौम्य, सामश्रवा३, एताः [गाः] उदज इति । [सः] ताः ह उदाचकार । ते ह ब्राह्मणाः चुक्रुधुः—कथम् नु नः ब्रह्मिष्ठः ब्रुवीत इति । अथ ह वैदेहस्य जनकस्य होता अश्वलः बभूव । सः ह एनम् पप्रच्छ—याज्ञवल्क्य, त्वम् नु खलु नः ब्रह्मिष्ठः असी३ इति । सः ह उवाच—वयम् ब्रह्मिष्ठाय नमः कुर्मः; वयम् एव गोकामाः स्मः इति । ततः एव ह होता अश्वलः तम् प्रष्टुम् दध्रे ।
हिन्दी अर्थ
जनक ने कहा: आदरणीय ब्राह्मणो, आपमें जो ब्रह्म का सबसे बड़ा ज्ञाता हो, वह इन गायों को ले जाए। ब्राह्मणों ने आगे बढ़ने का साहस नहीं किया। तब याज्ञवल्क्य ने अपने ब्रह्मचारी से कहा: सौम्य सामश्रव, इन्हें हाँक ले चलो। उसने गायें हाँक लीं। ब्राह्मण क्रुद्ध हुए: यह अपने को हममें सबसे बड़ा ब्रह्मज्ञ कैसे कहता है? जनक के होता अश्वल ने उनसे पूछा: याज्ञवल्क्य, क्या तुम सचमुच हममें सबसे बड़े ब्रह्मज्ञ हो? उन्होंने कहा: हम सबसे बड़े ब्रह्मज्ञ को नमस्कार करते हैं; हमें तो गायों की इच्छा है। उसी समय से होता अश्वल ने उनसे प्रश्न करना शुरू किया।
English meaning
Janaka said, “Revered Brahmins, let whoever among you knows brahman best drive these cows away.” The Brahmins did not dare. Yajnavalkya then told his own student, “Dear Samashravas, drive them away.” The student did so. The Brahmins became angry: “How can he claim to know brahman best among us?” Ashvala, Janaka’s hotri priest, asked him, “Yajnavalkya, are you really the foremost knower of brahman among us?” He replied, “We bow to the foremost knower of brahman. We simply want the cows.” Ashvala thereupon began to question him.
व्याख्या
उत्तर में विनोद और चुनौती दोनों हैं: वे सीधे श्रेष्ठता का दावा करने के बजाय गायों की इच्छा स्वीकारते हैं। अब उनकी योग्यता कथन नहीं, उत्तरों से परखी जाएगी।
Explanation
His reply combines wit and provocation. Rather than assert superiority directly, he acknowledges wanting the cows, leaving his answers to establish his standing.
संदर्भ
पुरस्कार लेने का याज्ञवल्क्य का कदम सभा को प्रश्नोत्तर की ओर ले जाता है।
Context
Yajnavalkya’s taking the prize provokes the examination.