Passage 23.3
अथैतद्वामेऽक्षणि पुरुषरूपमेषास्य पत्नी विराट् । तयोरेष संस्तावो य एषोऽन्तर्हृदय आकाशः । अथैनयोरेतदन्नं य एषोऽन्तर्हृदये लोहितपिण्डः । अथैनयोरेतत्प्रावरणं यदेतदन्तर्हृदये जालकमिव । अथैनयोरेषा सृतिः संचरणी यैषा हृदयादूर्ध्वा नाड्युच्चरति । यथा केशः सहस्रधा भिन्न एवमस्यैता हिता नाम नाड्योऽन्तर्हृदये प्रतिष्ठिता भवन्ति । एताभिर्वा एतदास्रवदास्रवति । तस्मादेष प्रविविक्ताहारतर इव भवत्यस्माच्छारीरादात्मनः ॥ ३ ॥
पदच्छेद
अन्वय
अथ वामे अक्षणि एतत् पुरुषरूपम् [अस्ति]; एषा अस्य पत्नी विराट् [अस्ति] । यः एषः अन्तर्हृदये आकाशः [अस्ति], एषः तयोः संस्तावः [अस्ति] । अथ यः एषः अन्तर्हृदये लोहितपिण्डः [अस्ति], एतत् एनयोः अन्नम् [अस्ति] । अथ यत् एतत् अन्तर्हृदये जालकम् इव [अस्ति], एतत् एनयोः प्रावरणम् [अस्ति] । अथ या एषा नाडी हृदयात् ऊर्ध्वा उच्चरति, एषा एनयोः संचरणी सृतिः [अस्ति] । यथा केशः सहस्रधा भिन्नः [अस्ति], एवम् अस्य एताः हिता नाम नाड्यः अन्तर्हृदये प्रतिष्ठिताः भवन्ति । एताभिः वा एतत् आस्रवत् आस्रवति । तस्मात् एषः अस्मात् शारीरात् आत्मनः प्रविविक्ताहारतरः इव भवति ।
हिन्दी अर्थ
बायीं आँख में जो पुरुषरूप है, वह उसकी पत्नी विराट् है। हृदय के भीतर का आकाश उनका मिलनस्थान है। हृदय के भीतर का रक्तपिण्ड उनका अन्न है। वहाँ का जाल जैसा आवरण उनका वस्त्र है। हृदय से ऊपर निकलने वाली नाड़ी उनके आने-जाने का मार्ग है। जैसे एक केश हजार भागों में बँटा हो, वैसे ही हिता नाम की नाड़ियाँ हृदय में स्थित हैं। उन्हीं से यह प्रवाही पोषण बहता है। इसलिए यह पुरुष इस स्थूल शारीरिक आत्मा की अपेक्षा मानो अधिक सूक्ष्म आहार वाला है।
English meaning
The person-form in the left eye is his wife Viraj. Their meeting-place is the space within the heart; their food is the mass of blood within it; their covering is the net-like structure there. The channel rising upward from the heart is their route of movement. Like a hair divided a thousandfold, the channels called Hita are established within the heart. Through them this flowing nourishment flows. This person therefore seems to take nourishment subtler than that of the gross bodily self.
व्याख्या
पति-पत्नी, भोजन, वस्त्र और मार्ग एक आन्तरिक ब्रह्माण्ड का रूपक बनाते हैं। हिता नाड़ियों और रक्त के इस प्राचीन विवरण को आधुनिक शरीर-रचना, निदान या उपचार की विधि न मानें।
Explanation
Spouses, food, clothing and pathways form an inner cosmological picture. This ancient account of channels and blood is not a modern anatomical model or a diagnostic or treatment method.
संदर्भ
दो नेत्रों के पुरुषरूप से हृदय और सूक्ष्म मार्गों का वर्णन जुड़ता है।
Context
The eye-persons are linked with the heart and subtle pathways.