Passage 29.1
त्रयाः प्राजापत्याः प्रजापतौ पितरि ब्रह्मचर्यमूषुः । देवा मनुष्या असुराः । उषित्वा ब्रह्मचर्यं देवा ऊचुर्ब्रवीतु नो भवानिति । तेभ्यो हैतदक्षरमुवाच द इति । व्यज्ञासिष्टा३ इति । व्यज्ञासिष्मेति होचुः । दाम्यतेति न आत्थेति । ओमिति होवाच व्यज्ञासिष्टेति ॥ १ ॥
पदच्छेद
अन्वय
त्रयाः प्राजापत्याः—देवाः मनुष्याः असुराः—प्रजापतौ पितरि ब्रह्मचर्यम् ऊषुः । ब्रह्मचर्यम् उषित्वा देवाः, भवान् नः ब्रवीतु इति ऊचुः । [प्रजापतिः] तेभ्यः ह एतत् अक्षरम् द इति उवाच; व्यज्ञासिष्टा३ इति [पप्रच्छ] । [देवाः], व्यज्ञासिष्म इति ह ऊचुः; दाम्यत इति नः आत्थ इति [ऊचुः] । [सः], ओम् इति ह उवाच; व्यज्ञासिष्ट इति [उवाच] ।
हिन्दी अर्थ
प्रजापति की तीन प्रकार की संतानें, देवता, मनुष्य और असुर, अपने पिता प्रजापति के पास ब्रह्मचर्य में रहीं। ब्रह्मचर्य पूरा करके देवताओं ने कहा, “आप हमें उपदेश दें।” उन्होंने उनसे एक अक्षर कहा, “द।” फिर पूछा, “समझे?” उन्होंने कहा, “समझ गए। आपने हमसे कहा है, ‘अपने को संयत करो।’” प्रजापति ने कहा, “हाँ, तुम समझ गए।”
English meaning
Three kinds of Prajapati’s offspring, gods, human beings and asuras, lived as students under their father Prajapati. After their period of disciplined study, the gods said, “Please instruct us.” He spoke the single syllable “da” to them and asked, “Did you understand?” They replied, “We understood. You told us, ‘Restrain yourselves.’” He said, “Yes, you understood.”
व्याख्या
देवता “द” में दाम्यत, अपने को वश में रखो, सुनते हैं। प्रश्न, उत्तर और शिक्षक की स्वीकृति यह दिखाते हैं कि एक संक्षिप्त संकेत का अर्थ शिष्य की आवश्यकता के अनुरूप खुलता है। ब्रह्मचर्य यहाँ गुरु के पास अनुशासित विद्यार्थी-जीवन है।
Explanation
The gods hear damyata, “restrain yourselves,” in da. The question, response and confirmation show a short cue becoming meaningful in relation to the learners’ needs. Brahmacarya here denotes disciplined student life with a teacher.
संदर्भ
एक ही शिक्षक और एक ही अक्षर की तीन शिक्षाओं में यह देवताओं वाला पहला प्रसंग है। तीनों समुदायों का परिचय आरम्भ में साथ दिया गया है।
Context
This is the first, divine, episode in a three-part teaching by one teacher through one syllable. All three groups are introduced at the beginning.