Passage 2.14
अन्यत्र धर्मादन्यत्राधर्मादन्यत्रास्मात्कृताकृतात् । अन्यत्र भूताच्च भव्याच्च यत्तत्पश्यसि तद्वद ॥ १४ ॥
पदच्छेद
अन्वय
यत् धर्मात् अन्यत्र, अधर्मात् अन्यत्र, अस्मात् कृताकृतात् अन्यत्र, भूतात् च भव्यात् च अन्यत्र [अस्ति], तत् [त्वम्] पश्यसि; तत् वद ।
हिन्दी अर्थ
जो धर्म से अलग, अधर्म से अलग, इस कृत और अकृत से अलग तथा भूत और भविष्य से अलग है, उसे यदि तुम देखते हो तो मुझे बताओ।
English meaning
Tell me what you discern beyond right and wrong, beyond the made and the unmade, and beyond what has been and what is yet to come.
व्याख्या
प्रश्न नैतिक जीवन को निरर्थक नहीं कहता; वह कर्मफल और काल से असम्बद्ध आधार पूछता है। कृताकृत का शाब्दिक अर्थ बना-अबना है, जिसे परम्परा कार्य-कारण के रूप में भी पढ़ती है।
Explanation
The question does not make ethical life meaningless; it seeks a ground unconditioned by action and time. Made and unmade is also traditionally understood as effect and cause.
संदर्भ
नचिकेता अब अपने तीसरे वर के विषय को अधिक सटीक बनाता है।
Context
Nachiketas sharpens the subject of his third request.