Passage 3.4
यो देवानां प्रभवश्चोद्भवश्च विश्वाधिपो रुद्रो महर्षिः । हिरण्यगर्भं जनयामास पूर्वं स नो बुद्ध्या शुभया संयुनक्तु ॥ ४ ॥
पदच्छेद
अन्वय
यः देवानाम् प्रभवः च उद्भवः च, विश्वाधिपः रुद्रः महर्षिः [अस्ति], [यः] पूर्वम् हिरण्यगर्भम् जनयामास, सः नः शुभया बुद्ध्या संयुनक्तु ।
हिन्दी अर्थ
देवों का मूल और उद्गम, विश्व का अधिपति और महान् द्रष्टा रुद्र, जिसने पहले हिरण्यगर्भ को जन्म दिया, हमें शुभ बुद्धि से संयुक्त करे।
English meaning
May Rudra, source and origin of the gods, ruler of the universe and great seer, who brought forth Hiraṇyagarbha in the beginning, unite us with auspicious understanding.
व्याख्या
हिरण्यगर्भ सृष्टि के प्रथम जीवंत या ब्रह्माण्डीय उद्गम का वैदिक नाम है। प्रार्थना का माँगा हुआ फल शुभ बुद्धि है, केवल बाह्य शक्ति या समृद्धि नहीं।
Explanation
Hiraṇyagarbha names the first living or cosmic emergence in Vedic thought. The requested gift is wholesome understanding rather than merely outward power or wealth.
संदर्भ
विश्वरूप-वर्णन ज्ञान के लिए प्रार्थना में बदलता है।
Context
The cosmic description becomes a prayer for understanding.