Passage 4.10
यदेवेह तदमुत्र यदमुत्र तदन्विह । मृत्योः स मृत्युमाप्नोति य इह नानेव पश्यति ॥ १० ॥
पदच्छेद
अन्वय
यत् एव इह [अस्ति], तत् अमुत्र [अस्ति]; यत् अमुत्र [अस्ति], तत् अनु इह [अस्ति] । यः इह नाना इव पश्यति, सः मृत्योः मृत्युम् आप्नोति ।
हिन्दी अर्थ
जो यहाँ है, वही वहाँ है; जो वहाँ है, वही यहाँ भी है। जो यहाँ मानो अनेक पृथक् सत्य देखता है, वह मृत्यु से मृत्यु को प्राप्त होता है।
English meaning
What is here is also there; what is there is likewise here. Whoever sees apparent separateness here goes from death to death.
व्याख्या
नानेव में इव महत्त्वपूर्ण है: भिन्नताएँ दिखाई देती हैं, पर उन्हें अन्तिम और असम्बद्ध सत्य मानना चुनौती का विषय है। मृत्यु से मृत्यु का वाक्य पुनर्जन्म के धार्मिक परिप्रेक्ष्य में है, लोगों के भेद मिटाने का सामाजिक आदेश नहीं।
Explanation
The “as if” in nana iva matters: appearances differ, but their ultimate independence is questioned. Death-to-death belongs to a rebirth framework, not a social instruction to erase human differences.
संदर्भ
भीतर-बाहर और यहाँ-वहाँ का भेद अब एकत्व की शिक्षा में बदलता है।
Context
The contrasts of inner and outer, here and there, turn into a teaching of unity.