Passage 2.4
सोऽभिमानादूर्ध्वमुत्क्रमत इव तस्मिन्नुत्क्रामत्यथेतरे सर्व एवोत्क्रामन्ते तस्मिंश्च प्रतिष्ठमाने सर्व एव प्रातिष्ठन्ते । तद्यथा मक्षिका मधुकरराजानमुत्क्रामन्तं सर्वा एवोत्क्रामन्ते तस्मिंश्च प्रतिष्ठमाने सर्वा एव प्रातिष्ठन्त एवम् वाङ्मनश्चक्षुः श्रोत्रं च ते प्रीताः प्राणं स्तुन्वन्ति ॥ ४ ॥
पदच्छेद
अन्वय
सः अभिमानात् ऊर्ध्वम् उत्क्रमते इव । तस्मिन् उत्क्रामति अथ इतरे सर्वे एव उत्क्रामन्ते; तस्मिन् च प्रतिष्ठमाने सर्वे एव प्रातिष्ठन्ते । तत् यथा उत्क्रामन्तम् मधुकरराजानम् सर्वाः मक्षिकाः एव उत्क्रामन्ते, तस्मिन् च प्रतिष्ठमाने सर्वाः एव प्रातिष्ठन्ते, एवम् वाक् मनः चक्षुः श्रोत्रम् च [अनुवर्तन्ते] । ते प्रीताः प्राणम् स्तुन्वन्ति ।
हिन्दी अर्थ
तब प्राण मान के साथ मानो ऊपर निकलने लगा। उसके निकलते ही दूसरे सभी भी निकलने लगे, और उसके ठहरते ही सभी ठहर गए। जैसे मधुमक्खियाँ अपने अधिपति के उड़ने पर सभी उड़ती हैं और उसके ठहरने पर सभी ठहर जाती हैं, वैसे ही वाणी, मन, नेत्र और श्रोत्र का हुआ। वे प्रसन्न होकर प्राण की स्तुति करने लगे।
English meaning
Then prana, asserting its preeminence, seemed to rise out of the body. As it departed, all the others began to depart; when it remained, they all remained. Just as all the bees follow their ruler when it flies away and settle when it settles, so did speech, mind, sight, and hearing. Pleased, they began to praise prana.
व्याख्या
इव, “मानो”, महत्त्वपूर्ण है: कथा पूर्ण प्राण-वियोग के बाद जीवित इन्द्रियों का वर्णन नहीं कर रही। मधुकरराज शब्द प्राचीन दृष्टान्त के अधिपति को नाम देता है; आधुनिक मधुमक्खी-विज्ञान उसकी शिक्षा का विषय नहीं। आशय यह है कि अलग-अलग क्रियाशील शक्तियों का टिकना साझा जीवनाधार पर निर्भर है।
Explanation
The word iva, “as if,” matters: this is not a report of faculties functioning after life has completely departed. “Ruler of the bees” belongs to the ancient illustration rather than a lesson in modern bee biology. Its point is that apparently separate active powers depend on a shared sustaining life.
संदर्भ
प्राण की प्रधानता मधुमक्खियों के समूह का दृष्टान्त देकर अनुभवगम्य बनाई जाती है।
Context
The image of a bee colony makes the dependence of the other powers on prana intelligible.