Passage 1.18
अग्ने नय सुपथा राये अस्मान् विश्वानि देव वयुनानि विद्वान् । युयोध्यस्मज्जुहुराणमेनो भूयिष्ठां ते नमउक्तिं विधेम ॥ १८ ॥
पदच्छेद
अन्वय
देव अग्ने, विश्वानि वयुनानि विद्वान् [त्वम्] अस्मान् राये सुपथा नय । अस्मत् जुहुराणम् एनः युयोधि । ते भूयिष्ठाम् नमउक्तिम् विधेम ।
हिन्दी अर्थ
हे अग्नि, सब मार्गों को जानने वाले देव, हमें अच्छे मार्ग से समृद्धि की ओर ले चलो। हमारे कुटिल पाप को दूर करो। हम तुम्हें बार-बार नमस्कार अर्पित करें।
English meaning
O Agni, divine knower of all ways, lead us by a good path to well-being. Remove from us crooked wrongdoing. May we offer you abundant words of homage.
व्याख्या
अन्तिम मन्त्र ज्ञान की चर्चा को मार्गदर्शन की प्रार्थना में समाप्त करता है। राये का अर्थ धन, समृद्धि या व्यापक कल्याण हो सकता है; यहाँ व्यापक अर्थ चुना गया है।
Explanation
The closing passage turns the teaching into a prayer for guidance. Rayi can suggest wealth, prosperity or broader well-being; the broader rendering is used here.
संदर्भ
समापन में अग्नि से शुभ मार्ग पर ले चलने और दोष दूर करने की प्रार्थना है।
Context
The closing prayer asks Agni for guidance along a good path and removal of wrongdoing.